
अगले 10-11 साल में 500 गीगावाट नई गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता जोड़ेगा भारत: भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री
नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अगले एक दशक में 500 गीगावाट नई गैर-जीवाश्म क्षमता जोड़ेगा। पीएम सूर्य घर योजना से 65 लाख से ज़्यादा घर जुड़ चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 का उद्घाटन करते हुए अगले 10 से 11 वर्षों में 500 गीगावाट नई गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा। चार दिन का यह सम्मेलन 2 से 5 नवंबर तक नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय आयोजित कर रहा है, जिसमें 130 से अधिक देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पेरिस समझौते के तहत अपनी आधी स्थापित बिजली क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का वादा 2025 में ही, तय समय से पांच साल पहले पूरा कर लिया। सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता एक दशक पहले के लगभग 2 गीगावाट से बढ़कर 200 गीगावाट से अधिक हो गई है, और करीब 40 गीगावाट सौर सेल क्षमता भी बन चुकी है।
फरवरी 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 65 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं, यानी हर छह दिन में लगभग एक लाख घर। प्रधानमंत्री के अनुसार इन परिवारों के बिजली बिल करीब 76 प्रतिशत घटे हैं। पीएम-कुसुम योजना से 30 लाख से ज़्यादा किसानों को सौर सिंचाई का लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स और आईआईटी जैसे संस्थानों से सौर कुकिंग, सौर ईवी चार्जिंग और किसी घर की पूरी ऊर्जा ज़रूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने वाले मॉडल विकसित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि बीते दशक में इस क्षेत्र में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है और दशक के अंत तक 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अवसर बनेंगे।
Source: pv magazine India, PIB, DD News. Photo: Ministry of Culture, Government of India / Wikimedia Commons (GODL-India).


